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आगरा 30 मार्च 2024- निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्याशियों को अधिक से अधिक सुविधा देने के उद्देश्य से बनाए गए सुविधा एप एवं आदर्श आचार संहिता को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से बनाए गए सी विजिल एप की विस्तृत जानकारी देने के संबंध में विभिन्न मान्यता प्राप्त एवं गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई

निष्पक्ष चुनाव के लिए सी-विजिल मोबाइल ऐप का उपयोग कर बनें जागरूक नागरिक-जिला निर्वाचन अधिकारी

 

सी-विजिल ऐप से आचार संहिता उल्लंघन मामले की करें शिकायत-जिला निर्वाचन अधिकारी

 

सभी प्रकार की परमीशन हेतु सुविधा एप के माध्यम से करें ऑनलाइन आवेदन

 

 

आगरा 30 मार्च 2024- निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्याशियों को अधिक से अधिक सुविधा देने के उद्देश्य से बनाए गए सुविधा एप एवं आदर्श आचार संहिता को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से बनाए गए सी विजिल एप की विस्तृत जानकारी देने के संबंध में विभिन्न मान्यता प्राप्त एवं गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।

बैठक में सभी दलों के प्रतिनिधियों को सुविधा एप का मौके पर डेमो /प्रेजेंटेशन करते हुए उसमें किस प्रकार जुलूस रोडशो ,सभा आदि की अनुमति लेनी लेनी है को बताया गया, साथ ही साथ सी विजिल एप के माध्यम से किस प्रकार आदर्श आचार संहिता उल्लंघन से संबंधित शिकायत को अपलोड किया जाना है उसका भी डेमो बैठक में दिखाया गया, और सभी दलों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित किया गया। बैठक में जानकारी दी गई कि निगोशियबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के तहत जो भी नामांकन अवधि में सार्वजनिक अवकाश होंगे उस दिन नामांकन नहीं हो सकेगा, इसमें स्थानीय अवकाश शामिल नहीं है,13 अप्रैल को द्वितीय शनिवार,14 अप्रैल को रविवार,17 को रामनवमी का अवकाश इस प्रकार 13,14 तथा 17 अप्रैल को नामांकन नहीं होगा, बैठक में बताया गया कि इस बीच चुनाव आयोग द्वारा दिशा निर्देश प्राप्त होते हैं तो अद्यतन स्थिति से सभी दलों को अवगत करा दिया जाएगा

 बैठक में बताया गया कि लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 को स्वतंत्र ,निष्पक्ष,पारदर्शी एव शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराये जाने के लिये जिला प्रशासन कटिबद्ध हैं। सुविधा एप की जानकारी देते हुए बताया गया कि इस ऐप के माध्यम से प्रत्येक दल अपनी सुविधा अनुसार जुलूस सभा रोड शो की अनुमति तो ले ही सकता है इसके साथ ही साथ प्रत्याशी अपना नामांकन भी ऑनलाइन कर सकते हैं जिसकी एक प्रति जिला निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को उपलब्ध कर दी जाए। एप के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि इस ऐप के माध्यम से आपको 24 घंटे के अंदर अनुमति उपलब्ध करा दी जाएगी जिसमें सभी प्रकार के अनापत्तियां जैसे जल कर, विद्युत, अग्निशमन, पुलिस आदि से संबंधित अनापत्तियां शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 16 मार्च से लेकर 11 अप्रैल के मध्य जिला अध्यक्ष नगर अध्यक्ष या उनके प्रतिनिधि द्वारा जुलूस रोड शो सभा आदि की अनुमति प्राप्त की जा सकती है तथा 12 अप्रैल के बाद प्रत्याशी अथवा उनके द्वारा नामित प्रतिनिधि के द्वारा ही अनुमति ली जा सकेगी। अनुमति पहले आओ पहले पाओ के सिद्धांत पर दी जाएगी। यदि सभा किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्थान पर की जा रही है तो संबंधित व्यक्ति से स्थान पर सभा करने की अनुमति लेना आवश्यक होगी।

आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से अनुपालन कराया जायेगा। भारत निर्वाचन आयोग व मुख्य निर्वाचन अधिकारी उ.प्र.द्वारा आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन एवं अन्य विभिन्न प्रकार की शिकायत करने तथा शिकायतों के निस्तारण हेतु आनलाइन सी-विजिल एप विकसित किया गया है। उक्त एप पर चुनाव की घोषणा के दिनांक से मतदान दिवस तक शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत अपलोड की जा सकती है। सी-विजिल मोबाइल ऐप को गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। सी-विजिल मोबाइल ऐप में आचार संहिता के उल्लंघन संबंधी फोटोग्राफ, वीडियो या ऑडियो अपलोड कर सकते हैं। शिकायत दर्ज करने के 100 मिनट के अंदर कार्रवाई की जाएगी।आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लघंन होने पर सी-विजिल एप में अपने मोबाइल नम्बर से लॉगिन करके नागरिक अपने शिकायत की सतत निगरानी भी कर सकता है। शिकायत दर्ज होने पर सम्बन्धित रिटर्निंग आफिसर द्वारा अपने नजदीक के उड़नदस्ता टीम (एफएसटी) को शिकायत स्थल पर भेजा जाता है।

शिकायत को निर्धारित करके सम्बन्धित रिटर्निंग आफिसर के पोर्टल पर अग्रसारित किया जाता है तथा सम्बन्धित रिटर्निंग आफिसर द्वारा शिकायत के निस्तारण के क्रम में निर्णय लिया जाता है।

 

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लोक सभा सामान्य निर्वाचन-2024 के लिए चुनाव की घोषणा होने के पश्चात से ही जनपद के निर्वाचन क्षेत्रों में सी-विजिल ऐप के तहत प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की प्रभावी कार्यवाही सतत संचालित हैं।

 

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आमतौर पर सी-विजिल ऐप में धनराशि वितरण, गिफ्ट/कूपन वितरण, शराब वितरण आदि शिकायतों के अतिरिक्त बिना अनुमति पोस्टर, बैनर लगाना, बिना अनुमति बैठक करना, बिना अनुमति के प्रचार में गाड़ी लगाना, धार्मिक तथा उन्मादी भाषण करने सम्बन्धी परिवाद अंकित किये जाते है।

बैठक में आगामी लोकसभा सामान्य निर्वाचन 2024 के दृष्टिगत भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रचार हेतु निर्गत निर्देशों में बताया गया, जिसमें

निजी सम्पत्ति पर चुनाव प्रचार सम्बन्धी शर्तें:-

 

(1). अपने निजी भवन पर बैनर, झण्डा, कटआउट इत्यादि प्रतिबन्धित नहीं है यदि भवन स्वामी द्वारा यह कार्य स्वेच्छा से बिना किसी दबाव के किया गया हो। झण्डों की अधिकतम संख्या 03 हो सकती है।

 

(2). ऐसा करने से किसी अन्य जनसामान्य अथवा उसके आसपास के नागरिकों को परेशानी न हो।

 

(3). यदि उक्त बैनर, कटआउट, झण्डा किसी पार्टी प्रत्याशी का है तो इस सम्बन्ध में धारा-171एच आई०पी०सी० के प्रावधान लागू होंगे (धारा-171एच आई०पी०सी०) अपनी निजी सम्पत्ति पर किसी अन्य प्रत्याशी के चुनाव का प्रचार किसी भी रूप में करना तब तक प्रतिबन्धित है जब तक कि प्रत्याशी द्वारा भवन स्वामी को लिखित रूप में इस हेतु प्राधिकृत न कर दिया हो। अन्यथा की दशा में रू0 500/- का जुर्माना है) ऐसा प्राधिकृत पत्र भवन स्वामी द्वारा रिटर्निंग आफिसर को प्रस्तुत करना होगा।

 

(4). ऐसी कोई भी सामग्री जिससे सम्पत्ति का विरूपण होता हो, जैसे चिपकाये जाने वाले पोस्टर, वॉल राइटिंग इत्यादि किसी भी रूप में किसी भी सम्पत्ति पर अपनी स्वेच्छा से अपनी सम्पत्ति पर भी अनुमन्य नहीं है।

वाहनों के सम्बन्ध में:-

 

(1). वाहनों का काफिला (Convoy) पूरी निर्वाचन अवधि में प्रचार के सम्बन्ध में 10 से अधिक वाहनों (सुरक्षा वाहनों को छोड़ते हुए) का काफिला होना वर्जित है। प्रत्येक दसवें वाहन के बाद 100 मीटर का फासला रखा जाना अनिवार्य है।

 

(2). निजी वाहनों पर झण्डा, स्टीकर इत्यादि तभी लगाये जा सकेंगे जबकि यह कार्य स्वेच्छा से बिना किसी दबाव के किया जाये, मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन न होता हो और किसी अन्य वाहन चालकों एवं अन्य राहगीरों को कोई परेशान न होती हो। बैनर अनुमन्य नहीं है। केवल एक झण्डा (1×0.5 फीट) अनुमन्य है। 01 अथवा 02 छोटे स्टीकर लगाए जा सकते हैं।

 

(3). लेकिन यदि उक्त झण्डा, बैनर, पोस्टर किसी प्रत्याशी का है तो इसमें धारा-171एच प्रावधान लागू होंगे जैसा कि सम्पत्ति के सम्बन्ध में ऊपर वर्णित है।

 

(4) वीडियो वैन (रथ)- इनकी अनुमति केवल मुख्य निर्वाचन अधिकारी के स्तर से जारी की जायेगी। इनमें चलने वाले इलैक्ट्रॉनिक प्रचार सामग्री का प्रमाणीकरण राज्य स्तरीय एमसीएमसी से होना अनिवार्य है। इन वीडियो वैन पर यदि केवल राजनैतिक दल का प्रचार किया जा रहा है तो उसका खर्च राजनैतिक दल के खाते में जोड़ा जायेगा। यदि किसी उम्मीदवार का प्रचार किया जा रहा है तो खर्च उम्मीदवार के खाते में जोड़ा जायेगा।) दोपहिया वाहन वाहनों के काफिले के प्रतिबन्ध के प्रावधान दोपहिया वाहनों पर भी लागू है। दोपहिया वाहन यदि चुनाव प्रचार में शामिल हैं तो वे RO से अनुमति प्राप्त वैध प्रचार वाहन होने चाहिये। इन पर केवल एक झण्डा (1×0.5 फीट) अनुमन्य है। झण्डे के डंडे की लम्बाई 3 फीट से अधिक नहीं हो सकती। दोपहिया वाहन पर कोई बैनर अनुमन्य नहीं है। 01 अथवा 02 छोटे स्टीकर लगाए जा सकते हैं।

 

(6) ई-रिक्शा, तिपहिया वाहन एवं चौपहिया वाहन पर भी कोई बैनर अनुमन्य नहीं है। यदि ऐसा वाहन वैध प्रचार वाहन है तो उस पर केवल एक झण्डा (1×0.5 फीट) अनुमन्य है। 01 अथवा 02 छोटे स्टीकर लगाए जा सकते हैं।

 

(7) वाहनों के काफिलों के सम्बन्ध में उपरोक्त किसी भी निर्देश का उल्लंघन पाये जाने की दशा में ऐसे वाहन को तत्काल जब्त कर लिया जायेगा जो पूरे निर्वाचन अवधि की समाप्ति के उपरान्त ही छोड़ा जायेगा।

 

(8) रोड शो-बिना पूर्व अनुमति की नहीं किया जा सकेगा। इनकी अनुमतियां यथा सम्भव छुट्टी के दिनों को, पीक आवर ट्रैफिक के बाद ही ऐसे रूट पर दी जानी चाहिये जिन पर बड़े अस्पताल, ब्लड बैंक तथा भीड़ भरे बाजार इत्यादि न हों। काफिले का प्रतिबन्ध रोड शो पर भी लागू होता है। आयोजक को रोड शो में भाग लेने वाले व्यक्तियों एवं वाहनों की संख्या पूर्व में ही बतानी होगी। रोड शो के दौरान सड़क की आधी चौड़ाई को ही इस्तेमाल किया जा सकता है। रोड शो में पटाखे चलाना, हथियारों का प्रदर्शन, जानवरों का इस्तेमाल, बच्चों (विशेषकर स्कूल यूनिफार्म में बच्चों) का प्रतिभाग करना पूर्णतः प्रतिबन्धित है। रोड शो में हाथ से पकड़ कर प्रयुक्त किए जाने वाले बैनर का अधिकतम साइज (6×4 फीट) एवं प्रतिभाग करने वाले प्रचार वाहनों पर झण्डे का अधिकतम साइज (1×0.5 फीट) हो सकता है।

 

वाणिज्यिक वाहन:-

 

(1). इन वाहनों पर किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री अनुमन्य नहीं है यदि ऐसे वाहन सम्बन्धित उम्मीदवार का वैध प्रचार वाहन न हो अर्थात केवल वैध प्रचार वाहन, जिनकी अनुमति रिटर्निंग आफिसर द्वारा प्रदत्त की गयी है तथा वह अनुमति सामने की तरफ शीशे पर मूल रूप से प्रदर्शित है, उन्हीं का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिये किया जा सकेगा।

 

(2). प्रचार हेतु वाहनों की संख्या सीमित नहीं की गयी है बशर्ते सभी वाहनों की अनुमति ली गयी हो और वह अनुमति अनिवार्य रूप से सामने की तरफ शीशे पर प्रदर्शित हो।

 

(3). वाहनों पर लाऊडस्पीकर या वीडियोरथ आदि बनाया जाना तभी अनुमन्य है जब इस सम्बन्ध में रिटर्निंग आफिसर के अतिरिक्त मोटर व्हीकल एक्ट के सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त कर ली गयी हो।

 

(4). पार्टियों के जिला अध्यक्ष के लिए सक्षम स्तर से अनुमति के बाद एक वाहन अनुमन्य है।

 

(5). नामांकन के समय रिटर्निंग आफिसर के कार्यालय के 100 मी0 तक के दायरे में एक प्रत्याशी केवल 03 वाहन ले जा सकता है।

 

6). वाहन के सम्बन्ध में सभी प्रतिबन्ध रिक्शा पर भी लागू होते हैं। केवल छूट इतनी है जब वह रिक्शा सामान्य सवारी छोड़ रहा हो उस पर किसी एक पार्टी/उम्मीदावार का पोस्टर लगा हो तो उसे छूट प्रदत्त की जायेगी।

 

निर्वाचन के दिनांक को वाहनों के सम्बन्ध में प्रतिबन्धः-

 

(1). निर्वाचन के दिनांक को प्रत्येक प्रत्याशी को स्वयं के लिए 01 वाहन, अपने निर्वाचन एजेंट के लिए 01 वाहन तथा अपने कार्यकर्ताओं के लिए संसदीय क्षेत्र के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र हेतु 01 वाहन अनुमन्य हैं।

 

(2). किसी भी 01 वाहन में वाहन चालक समेत कुल 05 व्यक्तियों से ज्यादा नहीं हो सकते। वाहनों के सम्बन्ध में इस प्रतिबन्ध में दोपहिया वाहन भी सम्मिलित हैं।

 

(3). सामान्य वोटर्स अपने निजी वाहन से पोलिंग बूथ से 200 मी0 की दूरी तक जा सकते हैं।

 

अस्थायी चुनाव कार्यालय:-. किसी भी बूथ से 200 मी0 की दूरी अवश्य होनी चाहिए।

 

(2). किसी शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करके न बनाया हो।

 

(3). धार्मिक, शैक्षणिक संस्थाओं अथवा अस्पताल परिसर अथवा उनसे लगे हुए चुनाव कार्यालय बनाना अनुमन्य नहीं है।

 

(4). चुनाव कार्यालय पर पार्टी का केवल 01 झण्डा/बैनर (4×8 फीट का ही) लगाया जा सकता है।

 

(5). रिटर्निंग आफिसर की अनुमति से ही अस्थायी चुनाव कार्यालय बनाया जायेगा।

 

पोलिंग के दिनांक को राजनैतिक दल द्वारा बनाया जाने वाला इलेक्शन बूथ:-

 

(1). प्रत्येक प्रत्याशी द्वारा रिटर्निंग आफीसर को पूर्व में ही सूचना दी जायेगी कि उनके द्वारा किन-किन बूथों पर अपने इलेक्शन बूथ लगाए जा रहे हैं।

 

(2). यथा आवश्यकता स्थानीय निकायों से पूर्वानुमति भी प्रत्याशियों को लेनी होगी।

 

(3). इलेक्शन बूथ निजी अथवा सार्वजनिक सम्पत्ति पर अतिक्रमण कर नहीं बनाए जा सकते।

 

(4). धार्मिक, शैक्षणिक संस्थाओं अथवा अस्पताल परिसर अथवा उनसे लगे हुए इलेक्शन बूथ बनाना अनुमन्य नहीं है।

 

(5). इलेक्शन बूथों पर केवल सादे कागज पर अशासकीय रूप से मतदाता पर्ची वितरित किया जा सकता है, जिस पर प्रत्याशी/पार्टी का नाम एवं चुनाव चिन्ह होना पूर्णतः वर्जित है।

 

(6). इलेक्शन बूथ, पोलिंग बूथ से 200 मीटर की दूरी पर होगा।

 

(7). 01 मेज, 02 कुर्सी एवं छाया हेतु छाता अथवा छोटा कनात (10×10 फीट का ही) अनुमन्य है।

 

(8). 01 झण्डा एवं बैनर ही (4×8 फीट से अधिक न हो) का लगाया जा सकता है।

 

विविध बिन्दु:-

 

(1). पोलिंग बूथ के 100 मी0 की दूरी में निर्वाचन सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारियों को छोड़कर अन्य सभी व्यक्तियों द्वारा मोबाइल फोन का इस्तेमाल निषिद्ध है।

 

(2). पोलिंग बूथ के 100 मी0 की दूरी में प्रचार निषिद्ध है।

 

(3). निर्वाचन के दिन बनाये जाने वाले पोलिंग एजेंट उसी बूथ के/निकटवर्ती बूथ के अथवा उसी निर्वाचन क्षेत्र के निवासी होंगे तथा उनके पास मतदाता पहचान पत्र होना अनिवार्य है।

 

(4). किसी भी रैली या जनसभा में उम्मीदवार द्वारा टोपी, मुखौटा, स्कार्फ आदि बांटा जा सकता है, जिसको उम्मीदवार के खर्चे में जोड़ा जायेगा, परन्तु साड़ी, धोती, शर्ट आदि बांटे नहीं जा सकते। इसी प्रकार देवी, देवताओं के फोटो वाले स्टीकर, डायरी, कैलेण्डर आदि बांटा जाना प्रतिबन्धित है। ऐसा किया जाना धारा-171 बी आई०पी०सी० के तहत मतदाता को रिश्वत देने की श्रेणी में आता है।

 

(5). किसी भी पोस्टर, बैनर, पैम्पलेट, हैण्डबोर्ड आदि पर प्रिंटर/प्रकाशक का नाम मुद्रित होना अनिवार्य है। साथ ही प्रिंटर के पास प्रकाशक द्वारा दिया हुआ अधिकृत प्रमाण पत्र (02 व्यक्तियों द्वारा सत्यापित) होना अनिवार्य है। उक्त अधिकृत प्रमाण पत्र प्रिंटर को रिटर्निंग आफिसर के पास जमा कराना होगा। अन्यथा की दशा में धारा-127ए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 के उल्लंघन की कार्रवाई संभव है।

 

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