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एक तरफ तो सरकार कहती है अपराध खत्म हो गया है दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश सर पुलिस की टोपियां कैसे बिक रही है

दोस्तों आप देख सकते हैं एक तरफ तो सरकार कहती है अपराध खत्म हो गया है दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश सर पुलिस की टोपियां कैसे बिक रही है जबकि इस टोपी को लगाने की इजाजत खुद बहादुर सिपाही के परिवार को लगाकर के घूमने की इजाजत नहीं है यहां तक कि खुद कमिश्नर के बेटे या बेटी भी लगाए तो उसको भी दंडित किया जा सकता है लेकिन यह टोपी सरे आम सड़कों पर बिक रही है आप देख सकते हैं इस टोपी की कितनी वैल्यू गिर गई है 😊जिसको माथे पर सजाया जाता है और यह सिर्फ अशोक जो मिलता है एक पुलिस महकमा है जिसको मिलता है इज्जत के नाम से और यही अपराधी के सर पर सस्ता है पुलिस का नाम किसको दें अपराधी को या बहादुर पुलिस महकमे को जिसके कारण हमारे भारत की बहन बेटियां शांतिपूर्वक घूमती सड़कों पर है और अपनी इज्जत सुरक्षित मानकर चलती है अपराधी कौन उत्तर प्रदेश पुलिस अब आप देख सकते इस टोपी को अपराधी भी लगा कर अपराध कर सकते हैं इस अपराध को अंजाम अंजाम देने वाले को रोके या टोपी बेचने वाले को सजा दे या बिकने वाले को जो इनको टोपी देकर बिकवा रहे हैं खुद आप जान सकते हैं इसके साथ मैं क्या आपको समझाऊं आप खुद समझदार हैं अपराधी कैसे पहन के आम आदमी बनकर निकलता है और पुलिस का स्टाफ बनकर निकल जाता है जैसे कि प्रेस लिखा गाड़ी पर उसका आईडी प्रूफ नहीं चेक करेंगे पुलिस लिखा गाड़ी पर उसका आई कार्ड चेक नहीं करेंगे स्वास्थ्य विभाग बिजली विभाग डिफेंस आर्मी लिखा होता है इनका किसी का आई कार्ड चेक नहीं होता फिर भी दोस्तों अपराधों  कौन रोकता खुद पुलिस यह गलती किसने की खुद पुलिस ने क्यों बिकवा रहे हैं सड़कों पर आम आदमी को टोपी आम आदमी के बीच यह नहीं पता कौन अपराधी है कौन पुलिस है दोस्तों इसका हल जनता के पास आप जाने पुलिस का हाल और अपराधी का हाल है अपराध बढ़ा है यह देखो इस तरीके से अपराध होता है सड़कों पर उत्तर प्रदेश पुलिस की टोपी बिक रही है इसको खरीद रहे तो क्या अपराध करने वाले लोग नहीं खरीद रहे होंगे अब यही सोच सकते हैं कि इसमें कितना रुपया किस का हिस्सा हो सकता है जो बेक रहे हैं या जो देख रहे हैं मैं अमरीश कुमार टी सैलानी न्यूज़ इंडिया 19 ब्यूरो चीफ मेरठ न्यूज़ सच्चाई के साथ हमेशा सच्चाई के साथ आज तकदोस्तों आप देख सकते हैं एक तरफ तो सरकार कहती है अपराध खत्म हो गया है दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश सर पुलिस की टोपियां कैसे बिक रही है जबकि इस टोपी को लगाने की इजाजत खुद बहादुर सिपाही के परिवार को लगाकर के घूमने की इजाजत नहीं है यहां तक कि खुद कमिश्नर के बेटे या बेटी भी लगाए तो उसको भी दंडित किया जा सकता है लेकिन यह टोपी सरे आम सड़कों पर बिक रही है आप देख सकते हैं इस टोपी की कितनी वैल्यू गिर गई है 😊जिसको माथे पर सजाया जाता है और यह सिर्फ अशोक जो मिलता है एक पुलिस महकमा है जिसको मिलता है इज्जत के नाम से और यही अपराधी के सर पर सस्ता है पुलिस का नाम किसको दें अपराधी को या बहादुर पुलिस महकमे को जिसके कारण हमारे भारत की बहन बेटियां शांतिपूर्वक घूमती सड़कों पर है और अपनी इज्जत सुरक्षित मानकर चलती है अपराधी कौन उत्तर प्रदेश पुलिस अब आप देख सकते इस टोपी को अपराधी भी लगा कर अपराध कर सकते हैं इस अपराध को अंजाम अंजाम देने वाले को रोके या टोपी बेचने वाले को सजा दे या बिकने वाले को जो इनको टोपी देकर बिकवा रहे हैं खुद आप जान सकते हैं इसके साथ मैं क्या आपको समझाऊं आप खुद समझदार हैं अपराधी कैसे पहन के आम आदमी बनकर निकलता है और पुलिस का स्टाफ बनकर निकल जाता है जैसे कि प्रेस लिखा गाड़ी पर उसका आईडी प्रूफ नहीं चेक करेंगे पुलिस लिखा गाड़ी पर उसका आई कार्ड चेक नहीं करेंगे स्वास्थ्य विभाग बिजली विभाग डिफेंस आर्मी लिखा होता है इनका किसी का आई कार्ड चेक नहीं होता फिर भी दोस्तों अपराधों कौन रोकता खुद पुलिस यह गलती किसने की खुद पुलिस ने क्यों बिकवा रहे हैं सड़कों पर आम आदमी को टोपी आम आदमी के बीच यह नहीं पता कौन अपराधी है कौन पुलिस है दोस्तों इसका हल जनता के पास आप जाने पुलिस का हाल और अपराधी का हाल है अपराध बढ़ा है यह देखो इस तरीके से अपराध होता है सड़कों पर उत्तर प्रदेश पुलिस की टोपी बिक रही है इसको खरीद रहे तो क्या अपराध करने वाले लोग नहीं खरीद रहे होंगे अब यही सोच सकते हैं कि इसमें कितना रुपया किस का हिस्सा हो सकता है जो बेक रहे हैं या जो देख रहे हैं मैं अमरीश कुमार टी सैलानी न्यूज़ इंडिया 19 ब्यूरो चीफ मेरठ न्यूज़ सच्चाई के साथ हमेशा सच्चाई के साथ आज तक

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