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सी डी एस विपिन रावत के हेलीकाप्टर हादसे में हो सकती है चीन की ये बड़ी साजिश लेजर बीम अटैक या सेटलाइट साइबर अटैक से चीन ने कराया था सी डी एस विपिन रावत जी का हेलीकाप्टर क्रैश

लेजर बीम अटैक या सेटलाइट साइबर अटैक से चीन ने

कराया था सी डी एस विपिन रावत जी का हेलीकाप्टर क्रैश

 

———————————————( मेरी जांच रिपोर्ट)

 

बीते 8 दिसंबर को भारत में वैसी घटना हुई थी जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया और पूरा भारत शोक की

लहर में डूब गया था ,क्योंंकि घटना ही इतनी दुखद हुई

थी जिसकी भरपाई भारत आने वाले दशकों तक नही कर पायेगा एक अंतरराष्ट्रीय और परंपरागत शत्रु चीन

की नीचता पूर्ण कायरतापूर्ण और बड़ी शाजिस के तहत

भारत के पहले चीफ डिफेंस स्टाफ और कुशल रणनीतिकार विपिन रावत जी उनकी पत्नी और 11

अन्य महत्वपूर्ण लोगों की हेलीकाप्टर क्रैश कराकर हत्या

करा दी गई थी।

 

घटना के तुरंत बाद मैंने जब घटना और हेलीकाप्टर की खूबियों पर नजर डाली तो मुझे इसमें चीन कि सेटलाइट

या हेलीकाप्टर का पूरा सिस्टम हैक करके चापर की लैंडिंग फेल कराकर पेड़ों से टक्कर कराकर क्रैश कराने

की घटना प्रतीत हुई थी लेकिन जल्दबाजी में कुछ कहना

उचित नही लगा था सारी जरूरी सूचनाओं के आने का

इंतजार किया गया लेकिन घटना के दूसरे ही दिन चीन

द्वारा घटना कराने के कारणों पर प्रकाश जरूर डाला गया था।

 

अपनी जांच शुरू करते हैं –

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8 दिसंबर को करीब 11.48 पर सी डी एस विपिन रावत जी सहित 14 लोगों को लेकर रूस निर्मित चापर MI 17 V5

आर्मी ट्रेनिंग कैंपस के लिए उड़ान भरता है जिसे 12.15

पर आर्मी ट्रेनिंग कैंपस के हेलीपैड पर लैंड करना था लेकिन चापर 12.8 मिनट पर कुन्नूर के नीलगिरी पर्वत

माला एरिया में प्रवेश करते ही पर्वत की ऊंचाई से 300

फिट नीचे गिरकर पेड़ों से टकराकर क्रैश हो जाता है चापर में सवार सभी लोग बुरी तरह उसमे लगी आग से

80 प्रतिशत तक जल जाते हैं ,चूंकि जिस स्थान पर चापर

दुर्घटना ग्रस्त हुआ उसके आस पास जंगलों में लोगों की बस्तियां भी थीं उन लोगों ने पुलिस को सूचना दी और सेना के साथ रेस्क्यू भी कराया था।

 

ये एरिया एल टी टी ई उग्रवादियों का गढ़ भी रहा है जिनके पास आत्मघाती हमले की उन्नत तकनीकी है

जिन्होंने 1991 में तमिलनाडु में ही मानव बम तकनीकी

से उस समय देश के प्रधानमंत्री रहे राजीव गांधी को उड़ा

दिया था । तमिल उग्रवादियों का जाफना में भले ही सफाया किया गया हो लेकिन तमिलनाडु में उनके संगठन के अब भी होने से इंकार नही किया जा सकता । चीन और तमिलों के सदियों से अच्छे संबंध रहें हैं घटना के बाद रेस्क्यू शामिल दो लोगों के मैंने न्यूज चैनलों पर इंटरव्यू सुने हैं उन्होंने बताया कि मुझे जंगलों में बहुत तेज

आवाज़ के साथ कुछ गिरने की आवाज़ सुनाई दी फिर बहुत बड़ा धुवें का गुबार उठा फिर उसमे आग लग गई

जब मै भागता हुआ घटना स्थल पर पहुंचा तो देखा एक हेलीकाप्टर जमीन पर गिरकर टुकड़ों में बदल गया है

उससे मैंने जलते हुए 2,3 लोगों को कूदते देखा जिनके शरीर में आग लगी थी जो जमीन पर गिरने के बाद जल

रहे थे मैं काफी घबडा गया और तुरंत भागकर लोगों को सूचना दी पुलिस को फोन काराया कम्बल आदि इकठ्ठा करके लोगों को साथ लेकर उन्हें बचाने पहुंचा , उसमें तीन लोग जीवित थे ,जो सेना के लग रहे थे उसमें से एक

ने मेरी तरफ पलट के देखा और पानी मांगा लेकिन मैंने

पानी नही दिया बल्कि रेस्क्यू में लगा रहा तब तक सेना

के लोग भी आ गए जो उन्हें एम्बुलेंस से अस्पताल ले गए,

सेना के लोगों ने जब मुझे फोटो दिखाई तो पता चला जिन्होंने मुझसे पानी मांगा था वो तीनों सेना के प्रमुख विपिन रावत थे ,मैंने कहा हां यही वो हैं जिन्होंने मुझसे

पानी पीने को मांगा था ,मै इतने बड़े निष्ठावान व्यक्ति को पानी नही पिला पाया जिसका मुझे बहुत पछतावा है मै आत्मग्लानि में रातभर सो नही पाया।

 

बयान तथ्यों से सुसंगत नही हैं विरोधाभास संदेह उत्पन्न

करता है –

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मुझे अब तक जो जानकारी प्राप्त हुई है वो न्यूज चैनलों ने माध्यम से हुई है , जिसमे मैंने ये भी सुना है की सभी

लोग 80 से 90 प्रतिशत तक जल चुके हैं चेहरे बुरी तरह

झुलस गए थे सी डी एस विपिन रावत जी और अन्य दिवंगत और जीवित बचे लोगों की पहचान के लिए सेना

द्वारा उनके परिवारजनों से डी एन ए टेस्ट कराकर घटना

से जुड़े लोगों से मैच कराकर उनकी पहचान की गई ,जब

सेना ही अपने लोगों को नही पहचान पाई तो पहली बार

जिसने सी डी एस की फोटो देखी उसने किस आधार पर

ये कहा की विपिन रावत जी ने ही मुझसे पानी मांगा था,

जबकी उनकी पहचान को डी एन ए टेस्ट कराने पड़े तो

, बयान और तथ्य सुसंगत नही हैं संदेह करने का कारण

बनता है , कहीं प्रत्यक्षदर्शी लोगों द्वारा कम ऊंचाई पर

लेजर बीम से अटैक तो नही किया गया और चापर गिरने

के बाद लोगों के बुरी तरह जल जाने का इंतजार किया गया ,कहीं ये लोग ही तो हमलावर नही थे जिन्होंने किसी

बड़ी साजिश को अंजाम दिया हो और सेना से बचने को

पुलिस और सेना के साथ रेस्क्यू में शामिल हो गए हों,

और उतना समय व्यतीत करने के बाद पुलिस को सूचना दी गई जिससे की वो जीवित ना बच सकें , कहीं चीन से मिली सुपारी को इन लोगों द्वारा तो अंजाम नही दिया गया और पुलिस सेना के आने पहले ही हमलावर

यंत्र को कहीं छिपा दिया गया हो ,या हटा दिया गया हो।

 

नोट – ये सिर्फ मेरा संदेह है दावा नही

 

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श्रीलंका और चीन की सीमाएं बहुत नजदीक है ,चीन में अपने लेजर बीम शस्त्र का प्रदर्शन किया था और दावा किया था ,ये बहुत आक्रामक शस्त्र है जिससे किसी भी

एयर क्राफ्ट या प्लेन को लेजर बीम से सटीक अटैक कर

मार गिरा सकता है ,चीन को बिपिन रावत के प्रोग्राम की पहले से जानकारी थी उसके पास हमले कि तैयारी करने

का पर्याप्त समय था उसने श्रीलंका और भारत से सटी

चीन सीमा पर चुपके से बीम से प्लेन गिराने वाले शस्त्र की तैनाती करके सेटलाइट या अन्य तकनीकी से नजर रखकर लेजर अटैक करके चापर को क्रैश कराया हो ये

चीन के लिए बहुत आसान और संभव है।

 

हेलीकाप्टर का कंट्रोल सिस्टम हैक करके सेट लाइट से

मनचाहा कंट्रोल करके क्रैश कराया हो

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चीन के पास उपग्रह को भी मार गिराने वाले सिस्टम है

,उसका अंतरिक्ष में विज्ञान बहुत मजबूत है ,उसके लिए

किसी देश के हेलीकाप्टर या विमान को क्रैश कराना बहुत

आसान है ,और दुनिया में इस तरह की बहुत सी घटनाएं

कराई गई हैं ,हैकर्स चीन में बैठकर चापर का पूरा कंट्रोल

करके उसे उड़ाने वाले पायलट को भी भ्रम डालकर मनचाहे तरीके से क्रैश करा सकते हैं ,इसी तकनीकी से

पिछले साल ताइवान के सी डी एस के एडवांस हेलीकाप्टर को क्रैश कराकर उन्हें भी मार दिया था।

 

घटना के बाद चीन खुशी भी जाहिर कर रहा था और जनरल विपिन रावत को चीन विरोधी व्यक्ति होने का बयान भी जारी किया है। घटना के कुछ देर बाद देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के ट्विटर अकाउंट को हैक

कराकर उसने प्रमाण देने की भी कोशिश की है और भारत को खुली चुनौती भी।

 

रूस के इस सीरीज के हेलीकाप्टर बहुत से देशों के पास हैं जिससे कोई भी देश उस हेलीकाप्टर की कमजोरियां

आसानी से जान सकता है ,तकनीकी रूप से उसे क्रैश करा सकता है।

 

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 2024 में हटाने को

चीन भारत में बहुत बड़ी फंडिग कर रहा था ,और भारत में किसान आंदोलन के नाम गृहयुद्ध कराने ने बड़ी साजिश

रची थी ,जिसमे उसकी गांधी परिवार से डील थी की सत्ता

तुम्हे मिलेगी लेकिन इस सरकार को हटाने में मेरा साथ

दो ,कांग्रेस ने पूरे देश के किसानों को भड़काया था और

इंदिरा गांधी वाली चाल चली थी खालिस्तान का सपोर्ट कराकर हिन्दू और सिक्खों को आपस में बांटकर लड़वाना

कटवाना जिसका पहला ट्रेलर लखीमपुर खीरी की घटना थी ।

 

प्रधानमन्त्री द्वारा किसान बिल वापस लेने के निर्णय के बाद चीन को अपना प्लान फेल होता दिखा और उसने अपना प्लान सी अपनाया यानी उसके हर प्लान जो फेल करे उसे ही रास्ते से हटा दिया जाए विपिन रावत जी भारतीय सेनाओं को दुनिया की सबसे मजबूत सेना बनाने की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे थे जो की पाकिस्तान और अमेरिका से बहुत अधिक चीन की आंखों में खटक रहे थे ,उन्हें मारने को उसे अवसर की तलाश थी

इत्तेफाक से विपिन जी उसके प्रभुत्व वाले एरिया में

बगैर प्लान के सेना के कार्यक्रम में गए और चीन को उन्हें

दुर्घटना कराकर मारने का एक एक अवसर मिला जिसमें

वो चूंका नही।

 

चीन को भारत के मन मै ये भ्रम भी पालना था कि रूस के असलहे या प्लेन विश्वसनीय नहीं होते ताकी भारत रूस के

एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम S-400 की डील

स्थगित कर दे जिसे अमेरिका और उससे अधिक

चीन रोकने को परेशान हैं ।

 

लेजर बीम हमले या साइबर हैकर्स से सेटलाइट की सहायता से हमला कराकर ही सी डी एस विपिन रावत

जी सहित 13 लोगों की हादसे में चीन ने हत्या कराई है

अपनी निजी जांच में इस दावे की पुष्टि करता हूं की हेलीकाप्टर का क्रैश होना सामान्य घटना नही है।

 

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अनुसंधान एवम तथ्यात्मक लेख – दिलीप सिंह परमार

 

नोट – इस लेख को सिर्फ अपनी आईडी से शेयर किया जा सकता है ये मेरा निजी लेख है जिसके कापीराइट अधिकार सुरक्षित है ,13 दिसंबर 2021 को फेसबुक पर प्रकाशित इस लेख को किसी भी व्यक्ति द्वारा कापी पेस्ट करके अपने नाम से कहीं भी प्रकाशित करना कानूनी अपराध होगा ,और उस पर कानूनी कार्यवाही भी की जा सकेगी।

दिलीप सिंह परमार

एडवोकेट एवम कवि रायबरेली

उत्तर प्रदेश

मोबाइल numbr-6392726051

Whattssap- 9918761826

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