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ग्राम पंचायत उदैना के ग्राम नगला रुध में कच्ची बंधी के गेट कई वर्षों से नही हुए बन्द सिंचाई के लिए होती है परेशानी है

 

ग्राम पंचायत उदैना के ग्राम नगला रुध में जो बंधी है उसमें पानी रोकने को शासन और प्रशासन नहीं दे रहा है ध्यान

 

अमृत समान वर्षा के जल को संचय कर सिंचाई और गांवों के जल स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा गांवों में ये कच्ची बँधी बनाई गई हैं पर सिंचाई विभाग के अधिकारी सरकार के इस उद्देश्य को पलीता लगा रहे हैं।

ग्राम पंचायत उदैना और नगला रुध के किसानों ने बताया कि यह कच्चा बांध सन1996 से आज तक नहीं भरा गया।और किसान भाइयों ने यह भी कहा कि इस बंधी की कोई भी मरम्मत भी नहीं हूई है। आसपास के क्षेत्र का जलस्तर बहुत गिर चुका है फसल की सिंचाई के लिए बहुत परेशानी होती है।इसके साथ-साथ जब न्यूज इंडिया19 कि टीम ने बंधी के गेट पर जाकर देखा तो वहां पर गेट खुला हुआ मिला।

 

न्यूज इंडिया19 कि टीम ने सिंचाई विभाग के JEN शरद गिरी से इस मामले के बारे में बात करने का प्रयास किया, तो JEN शरद गिरी का कहना है,कि आप अपने ब्लाक स्तर पर बात करें। हमें इसके बारे में कुछ नहीं पता है। उसके बाद न्यूज इंडिया19 कि टीम ने सिंचाई विभाग के ब्लॉक स्तर पर SDO ऊदल सिंह से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि वहां के‌ किसान भाई झूठ बोल रहे हैं। क्योंकि हम नगला रुध की कच्ची बंधी के गेट बंद करके उसको हर बार भरते है।

और हर साल हम उक्त बंधी की मरम्मत भी करवाते हैं।

 

जबकि इस बात का जांच न्यूज इंडिया19 की टीम नगला रुध की बंधी पर जाकर देख चुकी है ,मौके पर उक्त बंधी में कोई भी मरम्मत का कार्य नहीं हुआ है,अधिकारी सफेद झूठ बोल रहे हैं।

बंधी में गड्ढे और झाड़ियों से निकलने तक रास्ता नहीं है।पैदल भी नहीं निकल सकते हैं।

इतने कांटे और गड्ढे हैं, जो कि आपको विडियो और फोटो के जरिए हम आपको दिखा रहे हैं।

 

नगला रुध कि बंधी पर जो शासन प्रशासन की लापरवाही सामने आ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ऐसा लगता है कि विभाग के अधिकारी इसकी मरम्मत के नाम पर पैसा खा जाते हैं और मरम्मत नहीं कराते।इसकी उच्च स्तर पर जांच हो तो बहुत बड़ा घपला निकलेगा।

ग्रामीणों के अनुसार बिना मरम्मत किये अगर इस स्थिति में बंधी में पानी भर भी दिया जाये तो बंधी पल भर में टूट जायेगी।

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