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नहीं रहे सुप्रसिद्ध पार्श्वगायक तुषार त्रिवेदी गुजरात के आनंद स्थित निवास पर हार्ट अटैक से हुआ निधन

नहीं रहे सुप्रसिद्ध पार्श्वगायक तुषार त्रिवेदी

गुजरात के आनंद स्थित निवास पर हार्ट अटैक से हुआ निधन

 

 

अहमदाबाद, भगीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क : अपनी सुरीली और मीठी आवाज से करोड़ों श्रोताओं और दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक तुषार त्रिवेदी अब हमारे बीच नहीं रहे। विगत 27 मई की सुबह उन्हें अचानक दिल का तेज दौरा पड़ा और उनका दुखद निधन हो गया। इसी के साथ करोड़ों श्रोताओं और दर्शकों का चहेता पार्श्वगायक इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गया अब सिर्फ तुषार भाई की आवाज ही हमारे बीच शेष रह गई है उनका अंतिम संस्कार परिजनों ने 27 मई की देर शाम आनंद गुजरात में किया इस प्रकार तुषार भाई का पार्थिव पंचतत्व में विलीन होकर सदैव के लिए हम सबकी आंखों से ओझल हो गया है। उनके पीछे उनके माता-पिता पत्नी और एक बेटी तथा एक भाई का परिवार है।

 

आपको बता दें कि तुषार भाई त्रिवेदी मूल रूप से गुजरात के आनंद शहर के निवासी थे और इन दिनों वह अपने माता पिता के साथ अपने आनंद स्थित मूल निवास पर रह रहे थे। अपने निवास स्थान पर ही उन्हें हार्टअटैक का तेज दौरा आया और वह इस नश्वर संसार को छोड़कर हमेशा के लिए अलविदा कह गए।

 

 

इस संबंध में तुषार भाई त्रिवेदी के पिता मणिकांत त्रिवेदी ने बताते हुए कहा कि तुषार भाई त्रिवेदी उनके आज्ञाकारी पुत्र थे और इन दिनों वह हमारी और अपनी माता जी की सेवा में लगे हुए थे। 27 मई की सुबह तुषार त्रिवेदी ने मुझसे और अपनी माता जी से कहा कि मैं बाथरूम जाकर आता हूं फिर आप लोगों के लिए आज चाय मैं अपने हाथ से बनाऊंगा। हम दोनों बाहर बैठे थे तुषार बाथरूम में अंदर गए और बाथरूम में ही उन्हें दिल का तेज दौरा पड़ा और वही लुढ़क गए।

 

 

मणिकांत त्रिवेदी ने बताया कि जब काफी देर तक तुषार बाथरूम से बाहर नहीं निकले तो उनकी मां ने कहा देखो वह अंदर ही सो तो नहीं गया देर रात तक काम करता रहा है उसके बाद हमने दरवाजा खटखटाना शुरू किया लेकिन जब कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तब जबरन दरवाजा खोल कर अंदर प्रवेश किया तो देखा कि तुषार एक तरफ गिरे पड़े हैं। उन्हें बाहर लाया गया लेकिन तब तक उनके प्राण पखेरू उड़ चुके थे।

 

 

तुषार भाई त्रिवेदी के पिता मणिकांत त्रिवेदी कहते हैं कि यद्यपि तुषार हमारे बीच नहीं है फिर भी ऐसे लगता है जैसे वह अभी भी हमारे बीच है उन्होंने यह भी कहा कि तुषार का फोन नंबर चालू रहेगा और उस पर मैं लोगों से बातचीत करके उन्हें सांत्वना देता रहूंगा।

 

उल्लेखनीय है कि यद्यपि तुषार भाई त्रिवेदी मूल रूप से गुजरात के निवासी थे किंतु उनका गहरा संबंध है पुणे महाराष्ट्र से था तुषार भाई त्रिवेदी ने अपना अधिकांश जीवन पुणे महाराष्ट्र में ही व्यतीत किया इस दौरान उनका मुंबई से भी गहरा लगाव रहा इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश व बिहार में भी उनके प्रशंसक बड़ी संख्या में हैं।

 

तुषार भाई त्रिवेदी भगीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क से भी जुड़े थे और भगीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क के अहमदाबाद ब्यूरो चीफ प्रभारी तथा केंद्रीय यूरो चीफ की भी जिम्मेदारी संभालते थे। भगीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क और भगीरथ प्रयास समाचार पत्र को तुषार भाई त्रिवेदी के निधन से अपूरणीय क्षति हुई है।

 

 

तुषार भाई त्रिवेदी के निधन पर भगीरथ प्रयास समाचार पत्र और भगीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क के प्रधान संपादक लव कुश तिवारी कार्यकारी संपादक आनंद तिवारी एवं समाचार पत्र व न्यूज़ नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों को गहरा आघात लगा है। भगवान तुषार भाई त्रिवेदी की आत्मा को चिर शांति प्रदान करें और उनके परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।

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