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शास्त्री नगर की आक्रोशित जनता के घेरे में चयरमैन और अभियंता

शास्त्री नगर की आक्रोशित जनता के घेरे में चयरमैन और अभियंता

सुलतानपुर। पेयजल की व्यवस्था सुधारने के लिए जल निगम को जिम्मेदारी दी गई है कि जर्जर पाइपलाइन को बदल कर उसके स्थान पर नई पाइप लाइन बिछाई जाए। इस आदेश का क्रियान्वयन करने के लिए जल निगम लाखों रुपए की लागत से बनी सड़क को ही खोद डाला, जिसमें लोग गिर कर चोटहिल हो रहे हैं।

यह कारनामा पुलिस चौकी शास्त्री नगर से विद्या मंदिर तक जाने वाली सड़क पर जल निगम यू आई डी कार्यक्रम द्वारा पुरानी पाइप को हटाकर नई पाइप डालने के लिए सड़क की खुदाई की गई। लगभग एक माह से आवागमन को बाधित किया गया। महीनों पहले खोदी गई सड़क की मरम्मत अभी तक नहीं हुई। शायद पाइप लाइन डालकर जल निगम सड़क बनाना भूल गया। बेतरतीब ढंग से तोड़ने के बाद सड़क उबड़ खाबड़ हो गई। मोहल्ले वासी टूटी सड़क पर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। पुरानी पाइप से पानी का रिसाव और बारिश का पानी मिलकर मोहल्ले वासियों के लिए भीषण असुविधा का कारण बना है। कनिष्ठ अभियंता से बात करने पर उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के कारण मजदूर ना होने से कार्य बाधित हुआ है। पाइप डाली जा चुकी है जल्द ही कार्य प्रारंभ कर सड़क बनाई जाएगी।

सोमवार को जलनिगम के अधिकारी अधिशाषी अभियंता और कनिष्ठ अभियंता ने तोड़ी गई सड़क का विजिट करने गए तब आक्रोशित स्थानीय निवासियों ने जल निगम के अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष और उनके प्रतिनिधि को घेर लिया। आक्रोशित मोहल्ले वासियों ने सड़क न बनने का सम्पूर्ण जिम्मेदार जलनिगम और नगर पालिका को मानते हुए बताया की सड़क न बनने का सबसे बड़ा कारण इस सड़क का नगर पालिका के द्वारा टेंडर हो चुका है। नगरपालिका के जिम्मेदार और जल निगम के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कई बार गुप्त वार्ता हो चुकी है। लेकिन दोनों लोग अपने-अपने लाभ के चक्कर में कार्य नहीं करवा रहे हैं, जिसका भुगतान मोहल्ले वासियों को कीचड़ में गिर कर चुकाना पड़ रहा है।

शास्त्री नगर के सभासद अजय सिंह ने बताया की आज विवाद के समय मैं, मौके पर पहुंचा और लोगों को शांत किया। तोड़ी गयी सड़क के संदर्भ में मेरे द्वारा कई बार जल निगम के अधिकारियों को भी मौखिक रूप से सूचित किया गया, लेकिन अभी तक कार्य नहीं हुआ है। वास्तव में सड़क निर्माण कार्य विलंब होने का कारण लॉकडाउन में मजदूर का न मिलना नहीं है। बल्कि नगर पालिका और जल निगम के अधिकारियों के बीच कुछ और ही खेल चल रहा है। एक काम पर दो-दो भुगतान होने की संभावना है। शासन को इस पर ध्यान देना चाहिए और तोड़ी गयी सड़क का अतिशीघ्र निर्माण कराया जाय, जिससे मोहल्ले वासियों को इस समस्या से निजात मिल सके।

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